Sabtu, 08 Januari 2011

मूवीः भूत ऐंड फ्रेंड्स

मूवीः भूत ऐंड फ्रेंड्स
कलाकार : जैकी श्रॉफ , मकरंद सोनी , इशिता , आदित्य लाखिया , आकाश नायर , तेजस
निर्माता : अनीस अर्जुन देव
स्क्रिप्ट : रेशमा देव
निर्देशक : किट्टू सलूजा
सेंसर सर्टिफिकेट : यू
अवधि : 100 मिनट 
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जाने क्यों इस दौर में भी बॉलिवुड फिल्म मेकर्स को यही लगता है कि बच्चों की फिल्म में आप भूत को फिट करके उसे हिट करा सकते हैं। बी . आर . चोपड़ा जैसे नामी बैनर ने ' भूतनाथ ' बनाई , तो निर्माता कृष्ण चौधरी ने करियर की पहली फिल्म ' भूत अंकल ' बनाई। अब एक बार फिर यही भूत इस फिल्म में बच्चों का दोस्त बनकर आया है। दरअसल , आज भी ग्लैमर नगरी में बच्चों के लिए फिल्म बनाना घाटे का सौदा समझा जाता है।

यही वजह है कि ग्लैमर नगरी के नंबर वन बैनर ऐसी फिल्में बनाने से कतराते हैं। अगर अजय देवगन जैसा कोई इक्का - दुक्का मेकर अपने दमखम पर ' टूनपुर का सुपर हीरो ' जैसी फिल्म बनाता भी है , तो वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत तक नहीं वसूल पाती। शायद यही वजह है कि इस फिल्म में कोई जाना पहचाना स्टार नहीं है , जो दर्शकों की भीड़ बटोर सके। फिल्म मंें ले - देकर जैकी श्रॉफ हैं , जो अब साल भर में इसी टाइप की इक्का - दुक्का फिल्मों में नजर आते हैं। वहीं , फिल्म में जैकी का रोल बहुत छोटा है। ऐसे में चार दोस्तों पर केंद्रित इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर टिक पाना आसान नहीं लगता।

कहानी : राघव ( मकरंद सोनी ), रोमा ( इशिता पांचाल ), अली ( तेजस ) और इगलू ( आकाश नायर ) अच्छे दोस्त हैं। इनकी दोस्त मंडली को कुछ नया और जोखिम भरा काम करने में मजा आता है। भले ही पढ़ाई के मामले में इन्हें अक्सर घरवालों की डांट मिलती हो। इन चारों दोस्तों को ऐसे किसी मौके की तलाश है , जहां इन्हें कुछ नया और जोखिम भरा काम करने का मौका मिल जाए। इनकी रोजमर्रा की शरारतों से इनकी फैमिली भी कम परेशान नहीं है। ऐसे में एक ऐडवेंचर टूर के दौरान एक खजाने की तलाश में चारों खुद को अतीत की परछाइयों के बीच मुसीबतों में घिरा पाते हैं। यहीं पर इनका सामना एक भूत ( जैकी श्रॉफ ) से होता है , जो बाद में इन सभी का सबसे प्यारा दोस्त बन जाता है और हर इन्हें मुश्किल से बाहर निकालता है।

ऐक्टिंग : इससे पहले ' भूत अंकल ' में भूत का रोल निभा चुके जैकी इस बार फिर ऐसे भूत बने हैं , जो किसी को डराता नहीं , बल्कि मदद करता है। इस छोटी सी भूमिका को जैकी ने बस निभा भर दिया। वहीं , टीवी सीरियल ' खिचड़ी ' में नजर आए मकरंद सोनी ने राघव की भूमिका ठीकठाक निभाई है। ' उतरन ' सीरियल फेम इशिता पांचाल भी अपने अभिनय में निराश नहीं करती।

डाइरेक्शन : इससे पहले चेन कुली कि मेन कुली ' में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके निर्देशक किट्टू सलूजा को इस बार एक ऐसी कमजोर स्क्रिप्ट मिली , जिस पर दर्शकों को बांधने वाली फिल्म बनाना आसान काम नहीं था। ऐसे में सीमित बजट और फिल्म के लीड चार बाल कलाकारों की इस कहानी में किट्टू कुछ नया नहीं कर पाए। कहानी की सुस्त रफ्तार के बीच दोस्त बने भूत का अचानक आना - जाना समझ से परे है।

क्यों देखें : अगर करने को कुुछ नहीं और नई फिल्म देखने का फैसला किया है , तो इस भूत फ्रेंड से मिल सकते हैं। हां , फिल्म देखकर लगेगा आपका फैसला गलत रहा। बी और सी सेंटरों के सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म को कुछ ओपनिंग मिल सकती है।
चंद्र मोहन शर्मा 

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