Sabtu, 08 Januari 2011

गुलिवर्स ट्रैवल्स

गुलिवर्स ट्रैवल्स
 मूवीः गुलिवर्स ट्रैवल्स
कलाकार : जैक ब्लैक , जेसन सीगल , एमिली ब्लंट , अमांडा पीट
कहानी : जोनाथन स्विफ्ट
डायरेक्टर : रॉब लेटरमैन
सेंसर सर्टिफिकेट : यू
अवधि : 86 मिनट
हमारी रेटिंग : /photo.cms?msid=7199102
 
इस साल के आखिरी हफ्ते में एक और हॉलिवुड फिल्म का हिंदी - अंग्रेजी में एकसाथ रिलीज होना साबित करता है कि पिछले साल में हॉलिवुड फिल्मों का बिजनेस काफी तेजी से बढ़ा। मशहूर राइटर जोनाथन स्विफ्ट की लिखी किताब पर बनी इस फिल्म की कहानी भले ही आपने पहले कई बार पढ़ी या सुन रखी है , लेकिन डायरेक्टर ने कुछ नया और अलग दिखाने की चाह में मूल कहानी में कई बदलाव किए हैं , जो इस कहानी को और ज्यादा रोमांचक बनाते हैं। वहीं , बेहतरीन कैमरा ट्रिक के अलावा इस छोटी सी कहानी को थ्री डी तकनीक में शूट करना यकीनन इस फिल्म का ऐसा पहलू है , जो गुलिवर के चाहने वालों को थिएटर तक खींचने का दम रखता है।

कहानी : गुलिवर ( जैक ब्लैक ) न्यू यॉर्क शहर के एक बड़े न्यूजपेपर में मेल रूम क्लर्क है। मेल रूम क्लर्क होने की वजह से उसे बड़ी तरक्की नहीं मिली , जबकि उसके कई साथी अब क्लर्क से रिपोर्टर बन चुके हैं। गुलिवर को रोमांचक यात्राएं लिखने का बेहद शौक है। ऐसे में अखबार की चीफ उसे बरमूडा ट्राएंगल के बारे में अच्छा आर्टिकल लिखने को कहती है।

गुलिवर इस लेख को बेहतरीन लिखने के मकसद से बरमूडा की यात्रा पर जाने का फैसला करता है। बरमूडा की जोखिम भरी यात्रा पर जाना और लौटकर आना आसान नहीं है , लेकिन गुलिवर को इसकी कोई परवाह नहीं। गुलिवर समुद्री मोटर बोट से बरमूडा की अनोखी यात्रा पर अकेला निकलता है। समुद्र की तेज लहरों के बीच उसकी बोट ऐसी फंसती है कि उसे कुछ नहीं सूझता। गुलिवर की आंखें अब एक ऐसी धरती पर खुलती हैं , जहां वह खुद को यहां रहने वालों के मुकाबले बहुत बड़ा पाता है।

बौनों के इस लिलिपुट देश में पहुंचने के बाद गुलिवर खुद को ' बिगर देन लाइफ ' बताने लगता है। लिलिपुट में गुलिवर खुद को दूसरों के मुकाबले ज्यादा होशियार और दुनिया का सबसे बेहतरीन खोजी साबित करने में लग जाता है। दूसरी तरफ लिलिपुट की इस अनोखी दुनिया में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। यहां के राजा के दरबार का सुरक्षा मंत्री किसी भी कीमत पर ताज और यहां की खूबसूरत राजकुमारी को हासिल करना चाहता है।

ऐसे में गुलिवर एक जंग में राजा की मदद करने और उसकी जान बचाने के बाद लिलिपुट का सबसे खास मेहमान तो बन जाता है , लेकिन उसकी हालत उस वक्त खराब हो जाती है , जब एक और जंग में लिलिपुट की बौनों की सेना हार जाती है। इस हार के बाद गुलिवर अनजाने में एक ऐसी भूल कर बैठता है , जो लिलिपुट के रहने वालों को एक बड़ी मुसीबत में फंसा देती है। तब गुलिवर उन सभी को छोड़ ऐसी जगह चला जाता है , जहां उसका कद बच्चों के खेलने की छोटी गुडि़या जैसा है।

ऐक्टिंग : इससे पहले ' कुंग फू पांडा ' और ' स्कूल ऑफ रॉक्स ' से पहचान बना चुके जैक ब्लैक गुलिवर के रोल में सौ फीसदी फिट हैं। बौनों की अनोखी दुनिया में पहुंचे गुलिवर के किरदार को उन्होंने अपने दमदार अभिनय से जीवंत कर दिया है। अन्य भूमिकाओं में एमिली ब्लंट और अमांडा पीट जमे हैं।

क्यों देखें : बौनों के देश में पहुंचे गुलिवर के दृश्य इस फिल्म का सबसे सशक्त पक्ष हैं। लंबे - चौडे़ गुलिवर को सैकड़ों बौनों द्वारा गिरफ्तार करने के दृश्य अच्छे बन पडे़ हैं। खासकर फिल्म का क्लाइमेक्स अंत तक बांधे रखता है। नए साल के पहले वीकेंड पर बच्चों को लिलिपुट की दुनिया में ले जाएं , जहां शायद सभी कुछ उनकी पसंद का हो।
चंद्र मोहन शर्मा

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